महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में दुखद मृत्यु। बारामती में हुआ प्राईवेट प्लेन क्रैश।

28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ राजनीतिक नेता अजित अनंतराव पवार की पुणे जिले के बारामती के पास एक भीषण विमान दुर्घटना में मृत्यु होने की खबर सामने आई। यह हादसा बुधवार सुबह उस समय हुआ जब उन्हें ले जा रहा विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। इस दुर्घटना में विमान में सवार अन्य लोगों की भी जान चली गई।

बताया गया कि पवार एक चार्टर्ड कंपनी द्वारा संचालित Learjet 45XR विमान (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) से मुंबई से बारामती जा रहे थे। वे जिला परिषद चुनावों से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे।लैंडिंग के दौरान विमान ने दूसरी बार रनवे पर उतरने का प्रयास किया, लेकिन वह रनवे से फिसल गया, उसमें आग लग गई और टक्कर के बाद विमान के टुकड़े-टुकड़े हो गए।

दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि विमान में मौजूद सभी लोगों की मौत हो गई। उनके साथ दो पायलट साम्भवी पाठक व साहिल मदान और उनके निजी स्टाफ के दो सदस्य भी मारे गए। साहिल मदान को पंद्रह सालों के अनुभव के साथ कई सारे विमान उड़ा चुके थे।दुर्घटना के कारणों की जांच विमानन अधिकारियों द्वारा की जा रही है।

66 वर्षीय अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने दशकों तक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और पश्चिमी महाराष्ट्र के सहकारी आंदोलन से उभरकर राज्य स्तर पर नेतृत्व किया। वे कई बार उपमुख्यमंत्री रहे और वित्त तथा योजना जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली। ग्रामीण मतदाताओं के बीच उनकी गहरी पकड़ और प्रशासनिक अनुभव उनकी पहचान थी। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और बाद में पार्टी के एक गुट का नेतृत्व भी किया।

महाराष्ट्र के चीनी बेल्ट और ग्रामीण इलाकों में उनका खास प्रभाव था। उनकी मृत्यु की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें जनसेवा के लिए समर्पित नेता बताया। महाराष्ट्र सरकार ने आधिकारिक शोक घोषित किया।सरकारी कार्यालयों और स्कूलों को बंद रखा गया तथा कई जगहों पर झंडे आधे झुकाए गए। सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस घटना के बाद राजनीतिक बहस भी शुरू हुई और कुछ लोगों ने दुर्घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए, जबकि वरिष्ठ नेताओं ने इसे राजनीतिक रंग न देने की अपील की। अजित पवार के अचानक चले जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। उनके निधन के बाद राज्य सरकार और गठबंधन की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन और नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई। उन्होंने वर्षों तक राज्य के बजट, नीतियों और विकास योजनाओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका राजनीतिक योगदान लंबे समय तक चर्चा का विषय रहेगा।

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