77वें गणतंत्र दिवस पर इतिहास रचा भारत ‘वंदे मातरम्’ थीम रही विशेष। देखिए क्या रहा खास इस बार 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस पर।

देश ने 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गौरव और भव्यता के साथ मनाया। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम्’ रही। खास बात यह है कि वर्ष 2026 में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् अपनी रचना के 150 वर्ष पूरे कर रहा है, जिसके उपलक्ष्य में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।

इस वर्ष का गणतंत्र दिवस कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना। पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में एक नहीं बल्कि दो मुख्य अतिथि शामिल हुए। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड के चीफ गेस्ट रहे। दोनों नेताओं की मौजूदगी ने भारत और यूरोप के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाया।

दूसरी बड़ी उपलब्धि महिला सशक्तिकरण से जुड़ी रही। CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व पहली बार एक महिला अधिकारी ने किया। 26 वर्षीय असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला ने 140 से अधिक पुरुष जवानों की कमान संभाली। सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की निवासी हैं और उनका नेतृत्व देशभर में सराहा गया।

तीसरी ऐतिहासिक घटना के रूप में इस वर्ष पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में एनिमल कंटिंजेंट को शामिल किया गया। कर्तव्य पथ पर ऊंट, घोड़े, कुछ पक्षी और भारतीय नस्ल के कुत्तों की परेड देखने को मिली। ये सभी जानवर बुलेटप्रूफ जैकेट, कैमरा, जीपीएस और रेडियो जैसी आधुनिक तकनीक से लैस थे, जिसने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के बाद भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले पहले भारतीय बताए गए। इसके अलावा कर्तव्य पथ पर यूरोपीय सैन्य दस्ते ने भी मार्च पास्ट किया, जिसका नेतृत्व जिप्सी में सवार कर्नल फेडरिक साइमन ने किया।

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल की गई इंटीग्रेटेड कमांड प्रणाली का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सुखोई, राफेल और मिग-29 लड़ाकू विमानों ने आकाश में शक्ति प्रदर्शन किया। सूर्यास्त और एमआई-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा कर्तव्य पथ पर फूलों की वर्षा की गई।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे अतीत, वर्तमान और भविष्य में देश की दिशा और दशा पर विचार करने का अवसर प्रदान करता है। राष्ट्रपति ने कहा कि वंदे मातरम् जन-जन में राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार करता है और महिलाओं का सक्रिय व सशक्त होना देश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस हमारी स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रतीक है। यह पर्व हमें एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक का सबसे बड़ा हथियार और अधिकारों का सुरक्षा कवच है। इसी की मजबूत नींव पर हमारा गणतंत्र खड़ा है और संविधान की रक्षा ही भारतीय गणतंत्र की रक्षा है। उन्होंने इसे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत को गणतंत्र दिवस की बधाइयाँ मिलीं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अमेरिका और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं और आने वाले वर्षों में दोनों देश मिलकर काम करते रहेंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेन ने कहा कि भारत और यूरोप ने रणनीतिक साझेदारी, संवाद और खुलेपन का स्पष्ट विकल्प चुना है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं भेजते हुए भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी, मित्र और साझेदार बताया।

 

जय हिन्द जय भारत।

 

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