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7 जिंदगियां मलबे में दफन, अब सवालों के घेरे में दिल्ली का PG सिस्टम”

By Bharat 0 km Desk | 8 September 2026 | India

 

सत्‍य निकेतन PG हादसा: इमारत गिरी या सिस्टम?

 

पांच मंजिला PG भरभराकर गिरा, 7 लोगों की मौत; मालिक गिरफ्तार और 5 MCD अधिकारी निलंबित

 

नई दिल्ली | 7 सितंबर 2026

 

दिल्ली के सत्‍य निकेतन में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला PG इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया। घटना के बाद NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं।

 

यह इमारत Delhi University के South Campus के पास स्थित थी और इसमें बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे के समय इमारत के basement में repair/construction work चल रहा था। भारी बारिश के बीच basement में पानी जमा होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इमारत गिरने की अंतिम वजह अभी जांच के अधीन है।

क्या इमारत पहले से खतरे में थी?

 

जांच में कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार करीब 40–50 साल पुरानी इस इमारत में अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई थीं, जबकि मूल अनुमति इससे काफी कम निर्माण की थी। Basement और ground floor पर कथित तौर पर बिना पर्याप्त अनुमति के repair work भी चल रहा था। इमारत में emergency exit और structural safety को लेकर भी सवाल उठे हैं।

 

हादसे के बाद MCD ने आसपास के illegal और unsafe constructions पर कार्रवाई शुरू की है। एक adjoining women’s PG को भी precautionary तौर पर खाली कराकर सील किया गया।

 

मालिक गिरफ्तार, MCD के 5 अधिकारी निलंबित

 

दिल्ली पुलिस ने PG के मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के Bhiwadi से हिरासत में लिया। वहीं प्रशासन ने MCD के Deputy Commissioner, Superintendent Engineer, Executive Engineer, Assistant Engineer और Junior Engineer समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया।

 

यानी सवाल अब केवल मकान मालिक की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि अगर इमारत में अवैध निर्माण और गंभीर structural issues थे, तो संबंधित विभागों की निगरानी में यह सब इतने वर्षों तक कैसे चलता रहा?

 

छात्रों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

 

सत्‍य निकेतन और आसपास का इलाका Delhi University के छात्रों के लिए बड़ा PG hub है। DU में छात्रों की संख्या के मुकाबले hostel beds की भारी कमी है, जिसके कारण हजारों छात्र private PGs पर निर्भर हैं।

 

यही वजह है कि इस हादसे ने दिल्ली में PG और student housing की safety व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Bharat0KM का सवाल साफ है—

 

«अगर किसी इमारत में अवैध निर्माण, पुराना structure और safety violations मौजूद थे, तो कार्रवाई हादसे के बाद क्यों हुई?»

 

मलबा हट जाएगा, जांच पूरी हो जाएगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी हो सकती है। लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या दिल्ली के हजारों PGs की structural safety का ईमानदारी से audit होगा—या फिर अगली त्रासदी तक यह सवाल दोबारा दब जाएगा।

 

Bharat0KM | Special Report | posted by Bajrangi|

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